संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना 2021 | Members of Parliament Local Area Development Scheme 2021 | Sansad Sadasya Sthaniya Kshetra Scheme 2021

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Members of Parliament Local Area Development Scheme
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संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना 2021 | Members of Parliament Local Area Development Scheme 2021

संसद सदस्य शान स्थानीय क्षेत्र विकास योजना की शुरुआत 23 दिसंबर,1993 में पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव द्वारा की गई थी। इस योजना के तहत सांसदों को ऐसा तंत्र उपलब्ध करवाया करवाने की कोशिश की जा रही थी, वे स्थानीय लोगों की जरूरतों के अनुसार स्थाई समुदाय पर परिसंपत्तियों के निर्माण और सामुदायिक बुनियादी ढांचा सहित उन्हें बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लायक बन सके तथा संसदीय सदस्य का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के लिए इस योजना की सिफारिश की गई थी।

इस योजना के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा फरवरी, 1994 में पहली बार दिशानिर्देश संचालित किए गए थे और उसी के आधार पर संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना को पूरे देश में चलाया गया था। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा इस योजना को कार्य संचालन करने के लिए सांख्यिकी और कार्यक्रम के तहत कई नियम तैयार किए गए। इन नियमों में फरवरी 1997, सितंबर 1999, अप्रैल 2002, नवंबर 2005, अगस्त 2012, मई 2014 को दुबारा संशोधन किया गया।

इस योजना के तहत बनाए गए दिशा-निर्देशों को संशोधित करते समय सांसदों ने संसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना से संबंधित राज्यसभा और लोकसभा की समितियों, भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक तथा तत्कालीन योजना आयोग (अभी नीति आयोग) के तहत कार्यक्रम को संगठित किया गया और सारे मूल्यांकन के बाद सुझाव और परामर्श के आधार पर दिशा निर्देशों का संशोधन किया गया।

संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना 2021 का उद्देश्य | Members of Parliament Local Area Development Scheme 2021: Objectives

इस योजना के तहत प्रत्येक सांसद को अपने निर्वाचन क्षेत्र में 5 करोड रुपए तक की लागत के कार्यों के बारे में जिला कलेक्टर को सुझाव देने का विकल्प दिया जाएगा। जिससे वह अपने अधिकार क्षेत्र के विकास की तरफ ध्यान देकर योजनाओं को तैयार करने में सरकार की मदद कर पाएंगे। इससे फायदा ना केवल उन सांसदों को होगा बल्कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले एरिया के विकास में भी बहुत फायदा पहुंचेगा।

राज्यसभा सांसद उस राज्य के किसी भी एक अथवा अधिक जिलों में कार्यों की सिफारिश करने के लिए नियुक्त किए जाएंगे और उन्हें उनका सारा कार्यभार खुद ही संभालेंगे और अपने अधिकार क्षेत्र में आवश्यकता अनुसार जो भी जरूरत होगी, उसके बारे में सरकार तक अपनी बात पहुंचा पाएंगे।

संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना 2021 के तहत मिलने वाले अधिकार | Members of Parliament Local Area Development Scheme 2021: Power 

  • लोकसभा तथा राज्यसभा के सदस्य जिनको इस योजना के तहत नामांकित किया जाएगा, वह किसी भी राज्य में अपनी पसंद से एक या अधिक जिलों का चुनाव करके कार्य संभाल सकते हैं।
  • इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय प्राथमिकताओं– शिक्षा, सार्वजनिक स्वच्छता, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सड़कों की स्थाई परिसंपत्तियों के सर्जन हेतु अपने अधिकार क्षेत्र का चयन करके उसी के लिए सरकार तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं।
  • कुदरती आफत जैसे बाढ़, चक्रवात, सुनामी, भूकंप, तूफान और अकाल जैसी आपदाओं से ग्रसत क्षेत्रों में अधिकार क्षेत्र भी सांसद इस योजना के तहत प्राप्त कर सकते हैं और वहां पर कार्यभार संभाल कर उस क्षेत्र की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।
  • आपदा ग्रस्त राज्य के सुरक्षित क्षेत्रों के लोकसभा सांसद ने प्रभावित क्षेत्रों में अधिक अधिकतम 10,00000 रुपए प्रति वर्ष सहायता केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए गए सांसदों के द्वारा पहुंचाई जाएगी अर्थात नियुक्त किए गए सांसद इस रकम को उस वक्त आपदा ग्रसत राज्य की भलाई के लिए इस्तेमाल कर पाएंगे।
  • देश में विकराल प्राकृतिक आपदा आने पर सांसद प्रभावित जिले के लिए अधिकतम 1 करोड रुपए के कार्यों के लिए सरकार से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
  • यदि कोई निर्वाचित सांसद सदस्य राज्य केंद्र शास्त्र के क्षेत्र में चुना गया है कि शिक्षा एवं संस्कृति प्रचार दूसरे राज्य में करना चाहता है, तो उसे दिशा-निर्देशों के तहत वित्त वर्ष में अधिकतम 10,00000 रुपए की सहायता प्रदान की जाएगी।
  • यदि किसी कार्य की अनुमानित राशि सांसद सदस्य द्वारा कार्य के लिए लगाई जाने वाली राशि से अधिक होती है, तो सांसद सदस्य की सहमति आवश्यक होगी अर्थात यदि सांसद अपनी सहमति दे देते हैं, तभी अनुमानित राशि को राज्य के लिए रिलीज किया जाएगा।
  • सांसद द्वारा अनुशासित योजनाओं में ₹2 लाख तक की योजना का कार्यान्वयन समिति के लिए किया जा सकेगा। ₹2 लाख से अधिक 15 लाख की योजनाओं का कारण कार्यान्वयन विभागीय स्तर पर किया जाएगा।
  • एवं 15 लाख से अधिक की योजनाओं का कार्यान्वयन निविदा के माध्यम से चुने गए सांसदों के द्वारा किया जाएगा।

सांसद निधि और चुनौतियां, जो सांसद को इस योजना के तहत पेश आती हैं

  • 1993 में जब इस योजना की शुरुआत हुई थी, तब तत्कालीन सांसदों का मानना था कि राष्ट्रीय राशि मिलनी चाहिए क्योंकि संसद होने की वजह से जहां कहीं भी जाते हैं, वहां पर आम लोग शहरों की सड़कें, स्वास्थ्य तथा विद्यालयों की बदहाल स्थिति की सुधार की मांग करते हैं। परंतु उन चुने गए सांसदों के बादपास राष्ट्रीय राशि ना होने की वजह से वह अपने अधिकार क्षेत्र की सहायता नहीं कर पाते।
  • इस समस्या के समाधान के लिए राज्य केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राशि देनी शुरू कर दी, परंतु इससे फायदा कम और नुकसान अधिक होने लगा। क्योंकि इससे लोगों की अपेक्षाओं में बढ़ोतरी हो गई, परंतु उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य सिद्धि नहीं हो पा रही थी।
  • लोग सांसद से यह उम्मीद करने लग जाते हैं कि गांव की सड़क, नाली भी नहीं बन पाएगा जबकि देश में त्रिस्तरीय व्यवस्था बनाई गई है जैसे कि पंचायती राज, विधानसभा तथा लोकसभा और इन तीनों की अलग-अलग जिम्मेदारियां होती है और जिम्मेदारियों के मद्देनजर किसी गांव का सुधार किया जाता है। परंतु लोग ज्यादा अपेक्षाएं रखने लग जाते हैं और जिस से सांसद की छवि उनके सामने सही नहीं रहती।
  • विधायकों के लिए भी विधायक निधि की व्यवस्था की गई है, जिससे अपने हिसाब से काम करने लगे हैं परंतु कई बार ऐसा हो जाता है, चुने गए सांसद ही भ्रष्टाचार की गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं।
  • अपने हिसाब से काम करने की जिम्मेदारी मिलने से पंचायती राज की भूमिका कम हो जाती है और सांसदों की भूमिका ज्यादा बढ़ जाती है, जिसके कारण सांसदों पर दबाव बढ़ जाता है।
  • लोगों की आशाएं अपेक्षा ही सांसदों से पूरी नहीं हो पाती, जिस कारण वश लोग सांसदों को भ्रष्ट मानने लग जाते हैं।
  • सांसद निधि के तहत दी गई राशि भी बहुत सीमित होती है, इस संबंध में लोकसभा के पूर्व उपसभापति एवं थंबीदुरई की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई थी और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद विचार विमर्श करने के बाद राशि को 5 करोड रुपए से बढ़ाकर ₹25 करोड कर देने का सुझाव दिया गया था, जिससे कहीं ना कहीं आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है।

संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना 2021 बदलाव की आवश्यकता | Sansad Sadasya Sthaniya Kshetra Scheme 2021 : Requirement of Changes

इस योजना के तहत भले ही सांसदों को बहुत सारी अधिकार दिए गए हैं परंतु फिर भी इस योजना में थोड़े से बदलावों की आवश्यकता है और उन बदलावों की का विवरण निम्नलिखित प्रकार है।

  • सांसदों को जो बजट निर्धारित किया जाता है, उसमें कुछ अधिकार देने के लिए सांसद या विधायक निधि की शुरुआत की गई थी परंतु इसमें राजनैतिक मामले ज्यादा बढ़ने लग जाते हैं, इसलिए इसमें कुछ हद तक सुधार करने की आवश्यकता है।
  • सभी राज्यों में निधियों में विभाजन की आवश्यकता है। यह स्पष्ट किए जाने की जरूरत है कि स्थानीय निकायों और पंचायतों की क्या जिम्मेदारी रहेगी क्योंकि कई बार देखा गया है अधिकार क्षेत्र के अंदर सांसदों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है परंतु वहीं पर पंचायतों को यह पता ही नहीं होता कि उनको किस कार्य में अपनी जिम्मेदारी निभानी है। इस वजह से कई सारी समस्याएं आ जाती हैं और इस समस्याओं का समाधान तभी संभव है जब निधियों में जब कार्य अलग-अलग कार्य में विभाजन किया जाएगा और 2 सांसदों और पंचायतों को अपनी अपनी जिम्मेदारी के तहत कार्यभार संभाला जाएगा।
  • इसके अतिरिक्त जिला स्तर के लोगों तथा विधायक जिम्मेदारियां क्या है, इसका भी विभाजन करना आवश्यक है।
  • सांसद निधि की जिम्मेदारियां भी परिभाषित किया जाना आवश्यक है, समझ पाएंगे उनके अधिकार क्षेत्र के अंदर कितना कार्य है और उन्हें कितना कार्यभार संभालना है।
  • एक तरफ सांसदों को जनलोकपाल के दायरे में लाने की मांग देशभर में हो रही है, वही सांसदों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले भी बहुत ज्यादा है। ऐसे में इस समस्या के समाधान के लिए भी केंद्र सरकार को इस योजना में कुछ बदलाव करने की आवश्यकता है।
  • कई सांसदों के ऊपर अपराधिक मामले हैं परंतु फिर भी वह सांसदों की भूमिका निभा रहे हैं, ऐसे में सरकार को इस योजना के तहत बदलाव करके उन सांसदों को बाहर निकालना चाहिए।
  • जमीनी स्तर पर विकास किए जाने के लिए जो भी राशि सरकार द्वारा वितरित किए जाती है। आम तौर पर राजनीतिक लाभ के लिए ही इस राशि का इस्तेमाल कर लिया जाता है या फिर राजनेता अपने ही काम के ऊपर इस राशि का इस्तेमाल कर लेते हैं, इसको सही करने के लिए भी कुछ बदलावों की आवश्यकता है।
  • ठेका प्रथा और कमीशन खोरी पर रोक लगाने की भी आवश्यकता है क्योंकि इस योजना के तहत इन सांसदों को निश्चित किया जाता है, उनमें से कई सांसद ठेका प्रथा और कमीशन खोरी के तहत ही काम कर रहे होते हैं और वह अपना काम इमानदारी से नहीं कर रहे होते हैं, ऐसे में उन सांसदों के ऊपर सरकार को कुछ ना कुछ निर्देश देने चाहिए और उन्हें उनसे यह जिम्मेदारी वापस ले लेनी चाहिए।
  • इसके अतिरिक्त सांसदों ने एयर कंडीशनर खरीदने के, अस्पतालों पर इस्तेमाल इसके बारे में पूरी जानकारी एक रिपोर्ट अवश्य तैयार करनी आवश्यक कर देनी चाहिए ताकि यह पता चलता रहे कि सरकार द्वारा वितरित की गई राशि को कहां-कहां पर इस्तेमाल किया गया है; जिससे यह सुनिश्चित हो पाए, भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं है।

संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना 2021 का प्रभाव | Sansad Sadasya Sthaniya Kshetra Scheme 2021

  • सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना का उद्देश्य यही है के जनप्रतिनिधियों को क्षेत्रों के लोगों की बुनियादी समस्याओं के हल के लिए वह सरकार से गुजारिश कर सकें और जरूरतों को सीधे तौर पर पूरा करने के लिए नामांकित हो पाए। इस योजना के तहत सांसदों को यह सारी सारे अधिकार क्षेत्र दिए जाते हैं परंतु इस योजना का प्रभाव सकारात्मक इसकी जगह पर नकारात्मक हो जाता है जब सांसद ईमानदारी से काम नहीं करते।
  • संसद सदस्यों द्वारा अनुच्छेद कार्यों की जांच पड़ताल की जाती है और पात्र कार्यों को जिला पदाधिकारियों द्वारा निष्पादित किया जाता है। इसी के बाद सारी योजनाओं के लिए सरकार जरूरतों के लिए सरकार आवश्यक राशि रिलीज करती है, परंतु फिर भी इस योजना के प्रभाव के तहत कई बार कार्य सही होने की बजाय गलत हो जाते हैं, कई बार समस्याओं का हल नहीं हो पाता और समस्याएं और जटिल रूप धारण कर लेती हैं।
  • समय-समय पर यह मांग उठती रही है कि कम से कम आधा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नवीन को के कौशल विकास पर खर्च करने के लिए सांसदों को धनराशि सांसदों को सहायता राशि देनी चाहिए परंतु सांसद जिनके पास धन सहायता राशि आती है वह इमानदारी से काम नहीं करते और लोगों को इसका फल भुगतना पड़ता है इसलिए लोग इस निधि को इस योजना को खत्म करने के लिए भी कई बार आग्रह कर चुके हैं।
  • कुल मिलाकर सांसद निधि की वर्षों पुरानी व्यवस्था को खत्म करने के लिए कई प्रस्ताव रखे गए हैं आवश्यकता इस बात की है कि जनता द्वारा जो भी परामर्श दिए जा रहे हैं सरकार को उन ब्राह्मणों के हिसाब से या तो योजना में कुछ बदलाव करने चाहिए या फिर सांसदों के काम को काम में पारदर्शिता लाने के लिए सांसदों के काम में पारदर्शिता लाने के लिए कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए कुछ ना कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए।
सरकारी योजना List 2021 प्रधानमंत्री सरकारी योजना 2021

 

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