Rajasthan Palanhar Yojana 2022: राजस्थान पालनहार योजना के लाभ

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Rajasthan Palanhar Yojana
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राजस्थान सरकार ने राज्य में अनाथ बच्चों की परवरिश अथवा उनकी शिक्षा व उनके पालन पोषण को ध्यान में रखते हुए पालनहार योजना राजस्थान 2022” का आगाज किया। इस योजना के अंतर्गत जिन बच्चों के मां-बाप नहीं है, उन बच्चों की लालन-पालन, शिक्षा की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।

पालनहार योजना राजस्थान 2022” की घोषणा 8 फरवरी, 2005 को की गई थी। इस योजना की शुरुआत में अनुसूचित जाति के अनाथ बच्चों को लाभ पहुंचाया जाता था। लेकिन बाद में पालनहार योजना को अलग-अलग वर्गों में बांट दिया गया। जिसके तहत सभी अनाथ और असहाय बच्चों को इस श्रेणी में शामिल कर लिया गया। अब इस योजना के अंतर्गत ना केवल अनुसूचित जाति से संबंधित अनाथ बच्चे बल्कि सभी श्रेणियों से संबंधित अनाथ तथा असहाय बच्चे लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

इस योजना के अनुसार अनाथ बच्चों को उनके नजदीकी रिश्तेदार, परिचित व्यक्ति ही संभालेंगे, परंतु ऐसे बच्चों के लिए सरकार भी अपनी तरफ से अनुदान उपलब्ध करवाएगी। यह अनुदान बच्चों के पालन पोषण, उनकी शिक्षा के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा बच्चों के कपड़े, उनके लिए जूते एवं अन्य जरूरत के सामान के लिए लाभ भी अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा।

पालनहार योजना के अनुसार अनाथ बच्चों का संरक्षक इच्छुक नजदीकी अथवा परिचित व्यक्ति को बना दिया जाता है। जो उसकी सारी जिम्मेदारी लेगा। बच्चे के पालनहार फॉर्म में उस नजदीकी रिश्तेदार की जानकारी होगी। उसी के नाम से बच्चे का पालनहार फॉर्म भरा जाएगा। अनाथ बच्चे का पालन पोषण, परवरिश तो वही व्यक्ति करेगा, परंतु बच्चे की सहायता के लिए सरकार द्वारा अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा।

राजस्थान पालनहार योजना 2022 का उद्देश्य

समाज में अनाथ बच्चों की स्थिति को संभालने, उनकी शिक्षा, पालन पोषण, अच्छी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार द्वारा इस योजना का आवाहन किया गया है। इस योजना का यही उद्देश्य है कि अनाथ बच्चे भी बाकी बच्चों की तरह परवरिश हासिल कर पाए और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा ना हो। अच्छी व्यवस्थित सुविधाएं गरीब अनाथ बच्चों को उपलब्ध करवा कर उन्हें अच्छी जिंदगी देना ही राज्य सरकार का उद्देश्य है।

राजस्थान पालनहार योजना 2022 के लाभ (Rajasthan Palanhar Yojana: Benefits)

  • इस योजना के अंतर्गत अनाथ बच्चे के नजदीकी रिश्तेदार को उसका अभिभावक बनाकर पालनहार फॉर्म अप्लाई किया जाएगा और इसी के तहत उस बच्चे को अनुदान प्रदान किया जाएगा।
  • प्रत्येक अनाथ बच्चे को इस योजना के अंतर्गत 5 वर्ष की आयु तक ₹500 हर महीने प्रदान किए जाएंगे।
  • 5 वर्ष प्रश्न पश्चात जब बच्चा स्कूल में दाखिला ले लेगा, तब उस बच्चे को हजार रुपए कीराशि हर महीने प्रदान की जाएगी।
  • 18 वर्ष की आयु होने तक बच्चे को हजार रुपए हर महीने प्रदान किए जाएंगे।
  • इसके अलावा अनाथ बच्चे के कपड़े, जूते, अन्य आवश्यकजरूरतों को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष ₹20000 का अनुदान दिया जाएगा।
  • सभी वर्गों से संबंधित अनाथ बच्चों को इस योजना के अंतर्गतवित्तीय लाभ पहुंचाया जाएगा।

पालनहार योजना राजस्थान का लाभ लेने हेतु बांटी गई श्रेणियां

  • हर वर्ग से संबंधित अनाथ बच्चे।
  • निराश्रित पेंशन प्राप्त विधवा माता की अधिकतम तीन संताने भी इस योजना के अंतर्गत लाभ लेने योग्य हैं।
  • न्यायिक प्रक्रिया में मृत्युदंड अथवा आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता की संतान को भी इस योजना के अंतर्गत लाभ पहुंचाया जाएगा।
  • पुनर्विवाह / विधवा माता की संतान को भी इस योजना के तहत लाभ पहुंचाया जाएगा।
  • एड्स पीड़ित माता-पिता की संतान भी इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर सकती है।
  • कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता की संतान को भी इस योजना के तहत अनुदान प्राप्त प्रदान किया जाएगा।
  • विकलांग माता-पिता के बच्चों को भी इस योजना के अनुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • जिस बच्चे की विधवा मां की भी मृत्यु हो चुकी है उसको भी इस योजना के अंतर्गत लाभ पहुंचाया जाएगा।
  • तलाकशुदा महिला की संतान को भी इस योजना के अंतर्गत लाभ पहुंचाने के योग्य माना गया है।

राजस्थान पालनहार योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता (Rajasthan Palanhar Yojana: Eligibility)

  • इस योजना का लाभ केवलराजस्थान में रहने वाले बच्चों को ही प्रदान किया जाएगा।
  • अनाथ बच्चों को 2 साल की उम्र में आंगनवाड़ी केंद्र और 6 साल की उम्र में स्कूल भेजना अनिवार्य है।
  • पालनहार परिवार को योजना के तहत मिलने वाला अनुदान शहरी क्षेत्र में विभागीय जिलाधिकारी द्वारा और ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित विकास अधिकारी द्वारा उपलब्ध करवाया जाएगा।
  • पालनहार परिवार जिसके नाम पर बच्चे का पालनहार फॉर्म अप्लाई किया गया है, की वार्षिक आमदनी 1.20 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

राजस्थान पालनहार योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज (Rajasthan Palanhar Yojana: Required Documents)

  • आधार कार्ड
  • अनाथ बच्चे के माता पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र की कॉपी
  • अनाथ बच्चे के मृत्यु दंड आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिताके मृत्युदंड तथा आजीवन कारावास के कागजात
  • निराश्रित पेंशन प्राप्त विधवा महिला केपेंशन भुगतान का घोषणा पत्र
  • बच्चा जिसकी माता का विवाह दोबारा हुआ है, उसके पुनर्विवाह के प्रमाण पत्र की कॉपी
  • एचआईवी, एड्स पीड़ित माता-पिता के सेंटर द्वारा जारी किए गए ग्रीन कार्ड की कॉपी
  • कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता के चिकित्सा प्रमाण पत्र की कॉपी
  • जिस मां से खून का रिश्ता है, उसकी भी मृत्यु हुए 1 वर्ष से अधिक समय हो गया है; इसकी प्रमाण पत्र की कॉपी
  • 40% से अधिक विकलांग माता-पिता के विकलांगता प्रमाण पत्र की कॉपी
  • तलाकशुदापेंशन प्राप्त महिला के पेंशन भुगतान के कागजात

पालनहार के दस्तावेज

जिस नजदीकी रिश्तेदार ने अपने नाम पर अनाथ बच्चे का पालनहार फॉर्म अप्लाई किया है, उसके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने अनिवार्य हैं।

  • पालनहार का आधार कार्ड
  • भामाशाह कार्ड
  • मूलनिवासी पहचान पत्र
  • राशन कार्ड
  • बच्चे का आंगनवाड़ी में पंजीकरण का प्रमाण पत्र
  • विद्यालय में दाखिले का प्रमाण पत्र
  • बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
  • बच्चे का आधार कार्ड
  • पालनहार का मोबाइल नंबर
  • पालनहार एवं बच्चे की पासपोर्ट साइज फोटो

Rajasthan Palanhar Yojana 2022: Registration Process)

इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाने होंगे।

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट http://sje.rajasthan.gov.in/schemes/Palanhar.html पर जाना होगा।
  • इसके उपरांत आवेदक को एक एप्लीकेशन फॉर्म दिखाई देगा।
  • इस एप्लीकेशन फॉर्म की पीडीएफ फाइल को डाउनलोड करना होगा।
  • डाउनलोड करने के पश्चात आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी जैसे पालनहार का नाम, जन्म तिथि, पालनहार का मोबाइल नंबर आदि भरना होगा।
  • यह सब भरने के उपरांत आवेदन फॉर्म के साथ मांगे गए दस्तावेज को अटैच करना होगा।
  • जब सारा फॉर्म सही तरीके से भर लिया जाएगा, उसके बाद आवेदन फॉर्म को शहरी क्षेत्र में रहने वाले आवेदनकर्ता द्वारा विभागीय जिला अधिकारी के पास तथा ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित आवेदनकर्ता को संबंधित विकास अधिकारी के पास या ई मित्र किओस्क केंद्र में जाकर जमाकरवाना होगा।
  • इस प्रकार आवेदन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

राजस्थान पालनहार योजना में भुगतान की स्थिति चेक करना

उस आवेदन की स्थिति को चेक करने हेतु निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करने होंगे।

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • इसके उपरांत होम पेज खुल जाएगा इस होम पेज पर Apply Online E Services” का सेक्शन दिखाई देगा।
  • इस सेक्शन में Palanhar Payment Status” के विकल्प को क्लिक करना होगा।
  • विकल्प को क्लिक करने के पश्चात अगला पेज खुल जाएगा। इस पेज पर आवेदक को एकेडमिक वर्ष, भामाशाह नंबर और एप्लीकेशन आईडी, कैप्चा कोड भरकर Get Status”यह बटन को क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आवेदक के सामने भुगतान की स्थिति आ जाएगी।
  • इस भुगतान की स्थिति से स्पष्ट हो जाएगा किआवेदक द्वारा अप्लाई किया गया आवेदन फॉर्म योजना के अंतर्गत चुन लिया गया है या नहीं।
  • जब आवेदन फॉर्म अप्लाई कर दिए जाते हैं, उसके उपरांत इस योजना से संबंधित अधिकारी एक सूची तैयार करते हैं। इस सूची में ही उन बच्चों का नाम एवं पालनहार का नाम दर्ज होता है जिनको इस योजना से लाभ मिलेगा।

अनाथ बच्चे एवं पालनहार के नाम की सूची

  • इस सूची को चेक करने के लिए लाभार्थी को ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर सबसे पहले जिले का नाम और क्षेत्र चुनना होगा।
  • इसके पश्चात अगर आवेदक शहरी क्षेत्र से संबंधित है तोउसे नगर निकाय चुनना होगा। ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित आवेदक को पंचायत समिति और ग्राम पंचायत चुनना होगा।
  • इसके बादशहरी क्षेत्र से संबंधित पालनहार को शहरी सूची अथवा ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित पालनहार को ग्रामीण सूची को सिलेक्ट करना होगा।
  • सिलेक्ट करने के पश्चात खोजें पर क्लिक करना होगा।
  • क्लिक करते ही शहर से संबंधित लाभार्थी की सूची शहरी आवेदक को अथवा ग्रामीण इलाके से संबंधित लाभार्थी को गांव की लाभार्थी सूची दिख जाएगी।
  • इस सूची में ऑप्शन दिखाई देंगे जैसे आवेदक का पहचान क्रमांक, पालनहार का नाम, लाभार्थी का नाम, लिंग, आयु, आवेदन स्थिति, वर्तमान स्थिति और आखिरी में आवेदन की स्थिति का विवरण तथा भुगतान की तिथि का विवरण दिखाई देगा।
  • अब अपने हिसाब से लाभार्थी दिए गए विवरण को चेक करके यह सुनिश्चित कर सकता है कि उसकी एप्लीकेशन अप्रूव हो चुकी है या नहीं। अगर अप्रूव हो चुकी है तो भुगतान की क्या स्थिति है।
  • इस दिए गए विवरण के साथ-साथ लाभार्थी को यह भी दिखाई देगा कि कौन से महीने का पेमेंट मिला है, कुल कितनी रकम मिली है और कितनी मिलने वाली है यह सारा कुछ सूची में दिखाई देगा।

राजस्थान सरकार द्वारा अनाथ बच्चों की भलाई हेतु शुरू की गई यह योजना उन बच्चों की परवरिश, शिक्षा, उनकी स्थिति, उनके भविष्य को सुध।रेगी। बच्चे असहाय महसूस नहीं करेंगे और मन लगाकर शिक्षा हासिल करेंगे एवं अपने सपने पूरे कर पाएंगे।

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