प्रधानमंत्री जैव ईंधन जीवन योजना 2022 | Pradhan Mantri JI-VAN Yojana 2022

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Pradhan Mantri JI-VAN Yojana
Pradhan Mantri JI-VAN Yojana

पेड़ पौधों, खेत के अवशेषों, कचरे से तैयार किया जाने वाला ईंधन जैव ईंधन होता है। भारत सरकार ने जीवाश्म ईंधन के जलने के कारण पर्यावरण संबंधी चिंताओं को दूर करने, किसानों को पारिश्रमिक प्रदान करने, कच्चे तेल के आयात को बढ़ावा देने और विदेशी मुद्रा बचत को प्राप्त करने के लिए पेट्रोल में इथेनॉल के सम्मिश्रण के लिए 2003 में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम शुरू किया। इस कार्यक्रम के तहत जैव ईंधन बनाया जायेगा।

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने “लिग्नोसेलुलोसिक बायोमास का उपयोग करके जैव ईंधन तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री जैव ईंधन जीवन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना को देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में मंजूर किया गया है। देश में 2 जी इथेनॉल क्षमता बनाने और इस नए क्षेत्र के लिए निवेश आकर्षित करने के लिए प्रधान मंत्री जी-वन योजना शुरू की गई है।

प्रधानमंत्री जैव ईंधन जीवन योजना 2022 का उद्देश्य (Pradhan Mantri JI-VAN Yojana 2022: Objective)

नॉनफूड बायोफ्यूल फीडस्टॉक्स जैसे अपशिष्ट बायोमास और शहरी कचरे के एकत्रीकरण का समर्थन करके स्वच्छ भारत मिशन में योगदान करना, प्रौद्योगिकी के लिए सहायता प्रदान करना ही इस योजना का उद्देश्य है।

पहले भारत में जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल होता था, ये बहुत ही हानिकारक होता था। जो की ऊर्जा का अनवीकरणीय स्रोत है। परन्तु अब जैव ईंधन के उत्पादन तथा इस्तेमाल के लिए इस योजना की शुरुआत की गयी है।

प्रधानमंत्री जैव ईंधन जीवन योजना 2022 का बजट (Pradhan Mantri JI-VAN Yojana 2022: Objective)

  • 2018-19 से 2023-24 तक की अवधि के लिए 50 करोड़ रुपये के कुल बजट भारत सरकार द्वारा जारी किया गया है।
  • 12 वाणिज्यिक योजनाओं के समर्थन के लिए 800 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
  • 10 प्रदर्शन योजनाओं के समर्थन के लिए 50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
  • उच्च प्रौद्योगिकी के (CHT) प्रशासनिक शुल्क के रूप में 50 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे।

दो चरणों में एक व्यवहार्यता गैप फंडिंग (वीजीएफ) सहायता प्रदान की जाएगी, जिसकी जानकारी नीचे दी गयी है।

  • चरण- I (2018-19 से 2022-23):- छह वाणिज्यिक योजनाओं और पांच प्रदर्शन योजनाओं का समर्थन किया जाएगा।
  • चरण- II (2020-22 से 2023-24):- छह वाणिज्यिक योजनाओं और पांच प्रदर्शन योजनाओं का समर्थन किया जाएगा।

जैव ईंधन और जीवाश्म ईंधन में फर्क

भारत सरकार जीवाश्म ईंधन की बजाय जैव ईंधन को इतना सारा सपोर्ट क्यों कर रही है इसके कुछ कारण निम्नलिखित प्रकार है:-

जैव ईंधन जीवाश्म ईंधन
जैव ईंधन ऊर्जा का नवीकरणीय स्रोत है, अर्थात इसे बार-बार बनाया जा सकता है। यह कभी खाते खत्म नहीं हो सकता। जीवाश्म ईंधन ऊर्जा का अनवीकरणीय स्रोत है, अर्थात यदि यह एक बारी खत्म हो जाए तो उसे दोबारा नहीं बनाया जा सकता।
जैव ईंधन बिल्कुल भी प्रदूषण नहीं फैलाते। यह ईंधन बहुत अधिक प्रदूषण फैलाते है।
जैव ईंधन में किसी भी प्रकार का अमल कारक नहीं होता। जीवाश्म ईंधन अम्लीय वर्षा का कारण बनता है।
जैव ईंधन के उपयोग से जल तथा मिट्टी के संसाधनों पर किसी भी प्रकार का बुरा असर नहीं पड़ता। जीवाश्म ईंधन के उपयोग से जल और मिट्टी के संसाधनों पर बुरा असर पड़ता है।
जैव ईंधन के उपयोग से वातावरण में तापमान सामान्य रहता है। जीवाश्म ईंधन के उपयोग से वातावरण में तापमान की बढ़ोतरी होती है।

प्रधानमंत्री जैव ईंधन जीवन योजना 2022 के लाभ (Pradhan Mantri JI-VAN Yojana 2022: Benefits)

  • इथेनॉल प्रौद्योगिकियों के लिए दूसरी पीढ़ी बायोमास का देशीकरण किया जायेगा।
  • जैव ईंधन के प्रतिस्थापन के माध्यम से आयात निर्भरता को कम होगी।
  • प्रगतिशील सम्मिश्रण / प्रतिस्थापन के माध्यम से जीएचजी उत्सर्जन में कमी के लक्ष्यों को प्राप्त करने की हर कोशिश की जाएगी।
  • जैव ईंधन एक स्वच्छ ईंधन है, जैव ईंधन के उपयोग से पर्यावरण की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जायेगा।
  • खेती अवशेषों के इस्तेमाल से किसानों को भी फयदा होगा उनकी आमदनी में वृद्धि होगी।
  • बायोमास आपूर्ति श्रृंखला के साथ 2 जी इथेनॉल परियोजनाओं में ग्रामीण और शहरी रोजगार के अवसरों का निर्माण किया जायेगा।
  • देश को दूसरे देशों से ईंधन खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिस से देश की आमदनी भी बढ़ेगी।
  • किसी भी तरह का खतरा नहीं होता न जानवरों को, न इंसानो को और न ही पर्यावरण को।
  • जैव ईंधन ऊर्जा का नवीकरणीय स्रोत है, अर्थात ये बार बार बनाये जा सकते हैं, कभी खत्म नहीं हो सकते।
  • जैव ईंधन ऊर्जा का एक सस्ता बदल है।
  • जो परियोजना डेवलपर्सजैव ईंधन का उत्पादन करना चाहते हैं, इस योजना के तहत उनकी सहायता सरकार करेगी।

प्रधानमंत्री जैव ईंधन जीवन योजना 2022 के लिए दिशा निर्देश (Pradhan Mantri JI-VAN Yojana 2022: Guidelines)

  • भारत में रहने वाले परियोजना डेवलपर्स को ही इस योजना के तहत उद्योग लगाने की अनुमति दी जाएगी।
  • परियोजना डेवलपर्स जो यद्योग चला रहे हैं, या कारखाने वाले जो इस योजना के अंतर्गत प्लांट लगा कर जैव ईंधन का उत्पादन करना चाहते हैं, केवल वही इस योजना के लिए संपर्क कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री जैव ईंधन जीवन योजना 2022 के लिए आवेदन (Pradhan Mantri JI-VAN Yojana 2022: Registration)

  • PM JI-VAN योजना 2019 की प्राथमिक कार्यान्वयन एजेंसी होगी।
  • योजना के लाभ लेने के इच्छुक, जैव ईंधन का उत्पादन के इच्छुक परियोजना डेवलपर्स को अपना प्रस्ताव वैज्ञानिक सलाहकार समिति के सामने प्रस्तुत करना होगा।
  • वैज्ञानिक सलाहकार समिति इच्छुक परियोजना डेवलपर्स के प्रस्ताव पर विचार करेगी, यदि प्रस्ताव अच्छा लगा तो समिति अप्रूवल दे देगी और डेवेलपर उद्योग लगा पाएगा।
  • इस योजना के तहत सरकार की तरफ से मदद की जाएगी।

जैव ईंधन का फायदा हर वर्ग को होगा। दूसरे देशों पर भारत की निर्भरता कम होगी। देश को फायदा होगा एवं पर्यावरण भी प्रदूषित होने से बचेगा।

इसलिए परियोजना डेवलपर्स को जरूर आगे आ कर सरकार का सहयोग करना चाहिए और उद्योग लगाने का प्रस्ताव समिति के आगे रखना चाहिए। भले ही ये रोज़गार की नई संभावना हैं और इसमें रिस्क भी ज्यादा है, परन्तु भारत सरकार खुद पहल कर रही है, तो इसका फायदा जरूर सबको मिलेगा।

सरकारी योजना List 2022 प्रधानमंत्री सरकारी योजना 2022

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