मेक इन इंडिया 2022 | Make in India 2022 | Make in India Registration | Make in India Jankari 2022

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    Make in India 2021
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    Make in India 2022 मेक इन इंडिया 2022

    मेक इन इंडिया 2022 (Make in India 2022)

    2014 से पहले ज्यादातर भारतीय उद्योग वस्तु निर्माण के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भर करते थे। ज्यादातर विदेशी कंपनियों द्वारा निर्मित प्रोडक्ट्स मंगवाए जाते थे और सारे उद्योगों और पूरे भारत में बेचे जाते थे। इससे विदेशी कंपनियों को तो फायदा होता था, परंतु जो भारत में स्थित उद्योग हैं उनका नुकसान होता था क्योंकि उनके द्वारा तैयार किए गए प्रोडक्ट इंडिया में बिक ही नहीं पाते थे। इसी समस्या के निवारण के लिए 25 सितंबर, 2014 को एक भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा एक प्रोग्राम शुरू किया गया इस प्रोग्राम का नाम है “मेक इन इंडिया”

    भारत की कंपनियों, उद्योगों को विनिर्माण के लिए प्रेरित करने के लिए “मेक इन इंडिया” का आरंभ किया गया। इसके मद्देनजर आयात कम किया जाए और भारत में ही निर्मित चीजों को अपनाने का प्रोत्साहन दिया जाए, इसीलिए इस प्रोग्राम को 2014 में शुरू किया गया।

    मेक इन इंडिया का डिजाइन 2022 | Make in India Design 2022

    मेक इन इंडिया प्रोग्राम का डिजाइन Wieden Canady द्वारा तैयार किया गया। इस प्रोग्राम के डिजाइन को तैयार करने के पश्चात प्रधानमंत्री जी के पास इसका प्रपोजल भेजा गया। उनकी स्वीकृति के बाद ही इस प्रोग्राम को लांच किया गया।

    Make in India 2022
    Make in India 2022

    मेक इन इंडिया का लोगो 2022 | Make in India Logo 2022

    मेक इन इंडियाका लोगो एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी द्वारा तैयार किया गया था। इस लोगों के द्वारा भारत को manufacturing hub के तौर पर दर्शाया गया। manufacturing hub का मतलब है कि जितनी भी चीजें उद्योगों में तैयार की जाती है वह सारी की सारी भारत में ही निर्माण की जाएंगी। भारत के बुनियादी ढांचे को इस तरह से विसतरित किया जाएगा कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों पर निर्भर होने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। भारत एक मैन्युफैक्चरिंग हब है यही दर्शाने के लिए “मेक इन इंडिया” प्रोग्राम को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चुनौतियां मिलने के बावजूद खड़ा किया गया।

    मेक इन इंडिया 2022 को लॉन्च करने का उद्देश्य | Make in India 2022 : Objectives

    मेक इन इंडिया को लॉन्च करने का मुख्य उद्देश्य भारत को विनिर्माण क्षेत्र में इंटरनेशनल स्तर पर आगे लाना है। इस प्रोग्राम का मुख्य केंद्र बिंदु National manufacturing policy है अर्थात हर प्रकार की मैन्युफैक्चरिंग इंडिया में ही की जाए। इसी बात को केंद्र में रखकर “मेक इन इंडिया” को लांच किया गया। भारत की कंपनियां तथा उद्योग बिना रुकावट के निर्माण तथा विनिर्माण में आगे बढ़े, इसीलिएमेक इन इंडिया” प्रोग्राम को निरंतर जारी रखा गया।

    मेक इन इंडिया अभियान चार स्तंभों पर खड़ा है इन स्तंभों का विवरण निम्नलिखित अनुसार है:-

    मेक इन इंडिया नए कारोबार 2022 | Make in India New Business 2022

    मेक इन इंडिया के तहत अपना कारोबार शुरू करने का निश्चय किया गया है। सबसे पहले स्तंभ यही है कि देश में नए कारोबार शुरू करने के लिए कारोबारियों, उद्योगपतियों और लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। डी लाइसेंस और डी रेगुलर मुहैया करवाकर उद्योगों को कम टैक्स में ज्यादा काम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बिजनेस करने के लिए एक ई-बिज़ पोर्टल तैयार किया जाएगा, जहां एक ही प्लेटफार्म पर अलग-अलग उद्योगों से संबंधित जानकारियां उद्योगपतियों को प्रदान की जाएंगी। पोर्टल शुरू करने का कारण यही है कि लोगों को 24 घंटे सेवाएं प्रदान की जा सके, उनके कारोबार से संबंधित जानकारी हर समय उन तक पहुंचाई जाए।

    मेक इन इंडिया 2022 निर्माण उद्योग के लिए नया बुनियादी ढांचा | Make in India New Infrastructure 2022

    निर्माण उद्योग के लिए नए बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। पुराने बुनियादी ढांचे में भारतीय उद्योगों को निर्माण क्षेत्र में हर समय विदेशी प्रोडक्ट की आवश्यकता रहती थी, जिसकी वजह से उनका खर्चा कई गुना बढ़ जाता था परंतु अब भारतीय उद्योगों को ही इस लायक बनाया जाएगा कि वह हर तरह के प्रोडक्ट भारत में ही निर्मित कर सकें। इसके अलावा इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स और हाई स्पीड वार्तालाप का इस्तेमाल करके उद्योगों को एक दूसरे से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। स्मार्ट सिटी भी मेक इन इंडिया के अंतर्गत शुरू करने की कोशिश की जाएगी।

    Make in india 2022
    Make in india 2022

    मेक इन इंडिया 2022 निर्माण के नए क्षेत्र | Make in India New Project

    कारोबारियों को निर्माण के नए क्षेत्र उपलब्ध करवाने की भरपूर कोशिश की जाएगी ताकि लोग पुरातन तरीकों से किए जाने वाले कारोबार से हटकर कुछ नया करने की कोशिश में लग जाएं।

    परिवर्तन के लिए नई सोच | New Mindset

    उद्योग कारोबार, कंपनियां उनकी सोच को परिवर्तित करने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी। विदेशी कंपनियों को आकर्षित किया जाएगा कि वह भारतीय कंपनियों में निवेश करें।

    मेक इन इंडिया 2022 के बारे में कुछ विशेष बातें | Make in India 2022 Important Guidelines

    अंतरराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा निवेश

    13 फरवरी 2016 को मुंबई बांद्रा में कुर्ला कंपलेक्स में MMRDA ground में एक अंतर्राष्ट्रीय लेवल का प्रोग्राम किया गया; जिसमें 2500 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया। यहीं पर “मेक इन इंडिया” के अंतर्गत भारत की 68 शहरी कंपनियों तथा 8000 घरेलू उद्योगों ने भाग लिया। इस प्रोग्राम में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा महाराष्ट्र को 8 लाख करोड़ का निवेश प्रदान किया गया। यह निवेश प्राप्त होने का कारण यही था कि “मेक इन इंडिया” कैंपेन ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को अपनी तरफ आकर्षित किया ताकि वह कंपनियां इंडियन कंपनियों में निवेश करें। इंटरनेशनल कंपनियों के निवेश करने से भारत की कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग में आर्थिक सहायता मिल पाएगी। अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने सिर्फ इसीलिए निवेश किया क्योंकि “मेक इन इंडिया” प्रोग्राम ने उन्हें अपनी तरफ आकर्षित किया।

    मेक इन इंडिया रक्षा बढ़ावा 2022 | Make in India Defense 2022

    रूस की “Irkut Corp Company” से “मेक इन इंडिया” प्रोजेक्ट के लिए जब बात की गई, रूस की इस कंपनी ने “मेक इन इंडिया” प्रोजेक्ट के लक्ष्य से प्रभावित होकर इस प्रोजैक्ट के लिए अपनी स्वीकृति दे दी। तब भारत दुनिया की पहली प्राथमिकता बन गया। इंटरनेशनल कंपनियां भारत को विनिर्माण के क्षेत्र में प्राथमिकता देने लगी।

    2015 में इस प्रोग्राम की वजह से भारत विनिर्माण के क्षेत्र में अमेरिका और चाइना जैसे विकसित देशों को पीछे छोड़ कर कहीं आगे बढ़ गया। 2015 में ही 63 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश इंटरनेशनल कंपनियों द्वारा भारतीय उद्योगों में किया गया।

    Make in India 2022
    Make in India 2022Make in India 2022

    2016 में इसी प्रोजेक्ट के मद्देनजर विनिर्माण क्षेत्र में भारत को 60 बिलियन डॉलर विदेशी निवेश प्राप्त हुआ। जो 2020 में बढ़कर 400 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह अपने आप में एक बहुत बड़ा कीर्तिमान है। इस कीर्तिमान को स्थापित करने में “मेक इन इंडिया” का बहुत बड़ा हाथ है।

    FDI ( first development India)/(foreign direct investment)

    निर्माण और विनिर्माण में भारत दुनिया की पहली प्राथमिकता बन जाए और विदेशी कंपनियां भारत के उद्योगों में निवेश करें, इसीलिए इस प्रोग्राम को विश्व स्तर पर सबके सामने रखा गया। विदेशी कंपनियों ने प्रोग्राम से प्रभावित होकर भारत के विनिर्माण क्षेत्र में विदेशी निवेश भी किया।

    FDI limited areas

    भारत के पहली प्राथमिकता बनने के उपरांत भारत में निवेश करने के लिए 3 क्षेत्र चुने गए,

    74% अंतरिक्ष, 49% रक्षा, और 49% न्यूज़ मीडिया

    विदेशी कंपनियां इन तीनों क्षेत्रों में निवेश कर सकती हैं। पूर्ण तौर पर इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट को जारी नहीं किया गया।

    GDP ( gross domestic product)

    जीडीपी का मतलब है घरेलू स्तर पर बनाए गए उत्पाद, उत्पादों की बिक्री गुणवत्ता व पूरे भारत में उत्पादों की सेल, उत्पादों का निर्माण। “मेक इन इंडिया” प्रोग्राम के अंतर्गत भारत की औद्योगिक जीडीपी को बढ़ाने के लिए विदेशी कंपनियों को निवेश करने के लिए प्रभावित किया गया। जिससे जीडीपी का 2015-16 में काफी हद तक बढ़ गई।

    मेक इन इंडिया 2022 मोबाइल फोन निर्माण में योगदान | Make in India 2022 Mobile Phone Manufacturing

    मेक इन इंडिया के तहत भारत फोन निर्माण में फोन निर्माता के तौर पर पूरी दुनिया में दूसरे नंबर पर आ गया। पहले जहां फोन निर्माण में भारतीय कंपनियों की गिनती केवल 2 थी;मेक इन इंडिया” की वजह से वह गिनती 2 से बढ़कर 120 हो गई थी। पूरी दुनिया में भारत फोन निर्माण में दूसरे नंबर पर पहुंच गया।

    मेक इन इंडिया के तहत निर्माण तथा विनिर्माण के लिए निर्धारित किया गया क्षेत्र

    ऑटोमोबाइल | Automobile

    ऑटोमोबाइल से जुड़ी हुई सारी कंपनियां अथवा उद्योग जो भारत में स्थित हैं, उनको इस प्रोग्राम के अंतर्गत फायदा पहुंचाने के लिए विदेशी कंपनियों द्वारा निवेश तथा सरकार द्वारा निवेश का प्रावधान डाला गया है। जिसके अनुसार ऑटोमोबाइल कंपनियों में निवेश करके रोजगार के मौके प्रदान किए जाएंगे और ऑटोमोबाइल उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए प्रयत्न किए जाएंगे।

    जैव प्रौद्योगिकी

    जैव निर्माण से संबंधित उद्योगों में भी इस प्रोग्राम के अंतर्गत निवेश का प्रावधान निश्चित किया गया है। जैव प्रौद्योगिकी, जैव प्रबंधन आदि के लिए सरकार मेक इन इंडिया” के तहत सहायता करेगी।

    निर्माण | Manufacturing

    कंस्ट्रक्शन कंपनी और उद्योग की सहायता के लिए भी “मेक इन इंडिया” में प्रावधान बनाया गया है। इस प्रावधान के अनुसार इंटरनेशनल निर्माण कंपनियां निर्माण प्रोजेक्ट के लिए भारतीय उद्योगों में निवेश करेंगी।

    रक्षा विनिर्माण

    रक्षा के निर्माण में भी “मेक इन इंडिया” के द्वारा सहायता और निर्माण की सारी व्यवस्था की गई है।

    इलेक्ट्रिकल मशीनरी

    इलेक्ट्रिकल मशीनरी से जुड़े हुए सारे उद्योगों को मेक इन इंडियाके तहत फायदा पहुंचाने की बात रखी गई है। इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में वित्तीय बोझ घटाकर केवल निर्माण के लिए उन को प्रोत्साहित करने के लिए हर प्रकार की सहायता इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत की जाएगी।

    इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियां

    इलेक्ट्रॉनिक समस्याओं के समाधान के लिए जो भी उद्योग काम करते हैं, उन सब को भी “मेक इन इंडिया” के अंतर्गत हर प्रकार की सहायता और वित्तीय सहायता तथा विनिर्माण की सहायता प्रदान की जाएगी।

    खाद्य प्रसंस्करण

    मेक इन इंडिया में खाद्य प्रसंस्करण नामक एक क्षेत्र रखा गया है, जिसमें खाद्य सामग्री से जुड़े हुए सारे कारोबार, उद्योग आदि के लिए इंटरनेशनल कंपनियां निवेश करेंगी। जिससे खाद्य प्रसंस्करण में विश्व स्तर पर इंडिया आगे बढ़ेगा और खाद्य सामग्री देश के कोने कोने में निर्मित की जाएगी तथा बिक्री भी की जाएगी।

    सूचना प्रौद्योगिकी और बिजनेस प्रोसेस अरेंजमेंट

    सूचना टेक्नोलॉजी, सूचना उद्योग और सूचना प्रसार आदि के लिए भी “मेक इन इंडिया” में कई प्रावधान शामिल किए गए हैं। जिसके अंतर्गत हर प्रकार की सहायता इन उद्योगों तक पहुंचाई जाएगी और निर्माण क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी को भी प्राथमिकता के तौर पर रखा जाएगा।

    चमड़ा

    चमड़े से संबंधित जितने भी उद्योग हैं, जो चमड़े से बनी हुई चीजें तैयार करते हैं। उन सब उद्योगों को भी “मेक इन इंडिया” प्रोग्राम के तहत विदेशी निवेश प्राप्त करने का मौका दिया जाएगा।

    मीडिया एंटरटेनमेंट

    न्यूज़ मीडिया और एंटरटेनमेंट से संबंधित कारोबार, उद्योग एवं कंपनियां “मेक इन इंडिया” में प्राथमिकता के तौर पर रखी गई हैं। इनमें विदेशी कंपनियां निवेश करेंगी और मीडिया एंटरटेनमेंट के निर्माण में अपनी हिस्सेदारी डालेंगे डालेंगी।

    खनिज

    खनिज से जुड़े हुए कारोबार जैसे कि समुद्रों में मिलने वाले खनिज, उद्योगों में तैयार किए जाने वाले खनिज आदि बिजनेस के लिए “मेक इन इंडिया” के अंतर्गत निवेश किया जाएगा।

    आयल गैस

    गैस अथवा तेल संशोधन वाली कंपनियों को भी विदेशी निवेश प्रदान करके वीनिर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है।

    फार्माक्यूटिकल

    मेडिकल दवाइयां अथवा सुंदरता उत्पादों को तैयार करने वाली कंपनियों और उद्योगों के लिए भी विदेशी कंपनियां और सरकार निवेश करेगी ताकि मेडिकल, फार्माक्यूटिकल में भी नौकरियों के अवसर प्राप्त हो सकें और निर्माण क्षेत्र में युवा नौजवान अपना हिस्सा डाल सकें।

    सड़क राजमार्ग

    सड़क निर्माण, राजमार्ग निर्माण करने वाली कंपनियों और उद्योगों को भी “मेक इन इंडिया” में शामिल किया गया है। इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को कई अवसर प्रदान किए जाएंगे ताकि वह कंपनी को और कारोबार को आगे बढ़ा सके तथा देश को सड़क निर्माण में अंतरराष्ट्रीय स्तर परअच्छी कारगुजारी दिखाने का मौका मिल सके।

    रेलवे

    रेलवे कोच, रेलवे लाइन जैसी गतिविधियों के लिए जो कंपनियां और उद्योग काम करते हैं, उनको भी “मेक इन इंडिया” में जगह दी गई है।

    नवीकरणीय ऊर्जा

    उर्जा से जुड़े हुए उद्योग और रिसर्च सेंटर इस अभियान में प्राथमिक दर्जे की निवेश सहायता प्राप्त कर पाएंगे।

    अंतरिक्ष और खगोल साइंस

    अंतरिक्ष से जुड़े हुए प्रोजेक्ट तैयार करने वाली भारतीय कंपनियां, जो भारत में अंतरिक्ष निर्माण में काम कर रही हैं। उन कंपनियों में भी सरकार इस प्रोग्राम के तहत निवेश करेगी और उन्हें विनिर्माण में वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

    कपड़ा और परिधान

    कपड़े से जुड़े हुए सारे कारोबार और गहनों से जुड़े हुए उद्योगों को “मेक इन इंडिया” में शामिल किया गया है। इन उद्योगों और कंपनियों को भी फायदा पहुंचा कर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक मुकाबला करने योग्य बनाने का निर्णय लिया गया है।

    तापीय ऊर्जा

    तापीय ऊर्जा, ऊर्जा से निर्माण की जाने वाली वस्तुएं तैयार करने वाले उद्योग भी लाभ पाने के लिए सुनिश्चित किए गए हैं।

    पर्यटन और आतिथ्य

    ट्रैवलिंग कंपनियां और इससे जुड़े हुए उद्योग “मेक इन इंडिया” के द्वारा निवेश प्राप्त करने के लिए शामिल किए गए हैं। इस प्रावधान को शामिल करने का कारण यह है कि बाहरी मुल्क से आए हुए लोग पर्यटन कारोबार को उत्साहित करते हैं और इसका फायदा सरकार को भी होता है।

    कल्याण

    कल्याण विभाग द्वारा बनाई जाने वाली योजनाओं में काम करने वाले ट्रस्ट, संस्थान जो देश के नागरिकों के लिए तरह-तरह की योजनाएं बनाते हैं और उसे लागू करने के लिए सरकार की मदद करते हैं। उनके लिए भी प्रावधान शामिल किया गया और उनके संस्थानों में विदेशी निवेश तथा सरकार द्वारा निवेश करके उन्हें उत्साहित करने की योजना भी बनाई गई है।

    गाड़ियां

    गाड़ियों के निर्माण में कार्य करने वाली कंपनियां, गाड़ियां बेचने वाली कंपनियां और गाड़ियों से संबंधित अन्य औजार बनाने वाली कंपनियों को भी “मेक इन इंडिया” में शामिल किया गया है।

    बंदरगाह और शिपिंग

    बंदरगाहों पर होने वाले व्यापार और व्यापार करने वाले उद्योगों तथा कंपनियों को “मेक इन इंडिया” में जगह दी गई है। शिपिंग और बंदरगाह के लिए सरकार निवेश करती है ताकि बंदरगाहों पर कई तरीके के व्यापार प्रफुल्लित हो पाएं और देश की आर्थिक व्यवस्था में अपने हिस्सेदारी निभा सके।

    मेक इन इंडिया 2022 के तहत भारतीय उद्योगों को मिलने वाले लाभ | Make in India 2022 Benefits

    • सब कुछ भारत में ही बनने और बिकने से भारतीय उद्योग काफी हद तक अपने आप को विनिर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ा पाएंगे।
    • इसके अतिरिक्त विदेशी कंपनियां भी भारतीय उद्योगों में निवेश करेंगी और इससे भारतीय कंपनियों को फायदा पहुंचेगा, साथ ही भारत सरकार को भी लाभ पहुंचेगा।
    • रोजगार के साधन उपलब्ध हो जाएंगे और बेरोजगार युवक युक्तियां रोजगार के अवसर प्राप्त कर पाएंगे।
    • इसके अलावा बिजनेस करने में आसानी हो जाएगी।
    • मेक इन इंडिया” की वजह से इंटरनेशनल लेवल पर भारत की रैंकिंग सुधर जाएगी।
    • विदेशी कंपनियों को भारत में उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे भारत को फायदा होगा। भारत वासियों को फायदा होगा और रोजगार के ज्यादा साधन प्राप्त होंगे।
    • भारत की आर्थिक व्यवस्था में भी बढ़ोतरी होगी।
    • मेक इन इंडियासे उद्योगों में पारदर्शिता बढ़ जाएगी और भ्रष्टाचार में कमी होगी।
    • हर एक को काम मिल जाएगा, जिससे बेरोजगारी खत्म होगी।
    • सभी विनिर्माण क्षेत्र में लगे हुए उद्योगों को नई तकनीकी रॉयल्टी प्रदान की जाएगी।
    • बिजनेस लाइसेंस को बढ़ाकर 3 वर्ष कर दिया जाएगा, जिससे उद्योगों को काफी फायदा पहुंचेगा।
    • भारत का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।
    • विदेशी कंपनियों से सामान मंगवाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जब सारा सामान भारतीय उद्योगों में ही तैयार होने लग जाएगा और इसका फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
    • विनिर्माण के क्षेत्रों में बढ़ोतरी होगी, नए संसाधन शुरू करने के लिए लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा।
    • कारोबार को लेकर कारोबारियों, उद्योगपतियों और लोगों में नई सोच का निर्माण होगा।
    • कस्टम ड्यूटी पर भी कंट्रोल किया जाएगा।
    • उद्योगों और कंपनियों को इलेक्ट्रिसिटी के लिए एनओसी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

    मेक इन इंडिया 2022 की अपडेट एवं जानकारी | Make in India Janakari 2022

    मेक इन इंडियाकी जानकारी, उसके प्रावधान एवं उसकी आने वाली अपडेट के बारे में जानने के लिए एक आधिकारिक वेबसाइट भी बनाई गई है। जिसका लिंक निम्नलिखित प्रकार है।

    www.makeinindia.com

    इस लिंक पर जाकर किसी भी प्रकार की जानकारी तथा “मेक इन इंडिया” के तहत आने वाली अन्य योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो जाया करेगी।

    इस प्रकार मेक इन इंडियाएक ऐसा अभियान है, जिसके अंतर्गत उद्योगों को और कंपनियों को फायदा पहुंचाया जाएगा ताकि देश में निर्माण के क्षेत्र में इंटरनेशनल लेवल पर खड़ा हो जाए और विकसित देशों की तरह भारत देश भी औद्योगिक निर्माण में विकसित देशों को टक्कर दे पाए।

    मेक इन इंडियाअभियान के अंतर्गत विनिर्माण के नए क्षेत्र शुरू करके न केवल कारोबार की सोच को बदला जाएगा बल्कि देश की आर्थिक व्यवस्था भी बढ़ जाएगी, नौकरियों के संसाधन प्राप्त हो जाएंगे और बेरोजगारी का भी खात्मा हो जाएगा।

    परंतु मेक इन इंडिया अभियान को पूर्ण तौर पर विकसित होने में बहुत समय लगेगा क्योंकि “मेक इन इंडिया” अभियान के आगे कई चुनौतियां खड़ी हैं और इन चुनौतियों को खत्म करने के लिए “मेक इन इंडिया” अभियान के निर्माताओं द्वारा पूरी कोशिश की जा रही है और इसका अच्छा असर जरूर दिखाई भी देगा।

    सरकारी योजना List 2022 प्रधानमंत्री सरकारी योजना 2022

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