Jharkhand Birsa Harit Gram Yojana 2022 झारखंड बिरसा हरित ग्राम योजना 2022 Online Apply

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Jharkhand Birsa Harit Gram Yojana 2022
Jharkhand Birsa Harit Gram Yojana 2022

झारखण्ड बिरसा हरित ग्राम योजना झारखण्ड सरकार के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना है। इस योजना के तहत राज्य के परती जमीन पर 200000 एकड़ में आम एवं अमरुद के साथ मिश्रित फल की बागवानी का लक्ष्य रखा गया है। आम एवं अमरुद के अलावा नींबू की भी बागवानी की जायेगी। यानि प्रत्येक जिले में लगभग 1400 एकड़ परती जमीन पर बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत फलदार वृक्षो की बागवानी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसका मूल उद्देश्य किसानों की आमदनी को बढ़ाना है। इस योजना को मनरेगा से जोड़ दिया गया है। एक अनुमान के अनुसार इस योजना से ग्रामीण 3 वर्ष बाद 50,000₹ वार्षिक आय अर्जित कर सकता है। इस योजना के तहत 5 लाख परिवारों को 100-100 पौधे लगाने को दिए जाएंगे। इसके तहत राज्य भर में 5 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।

इस योजना का कार्यान्वयन जिलावार किया जा रहा है। प्रत्येक जिले में  लगभग 1400 एकड़ परती जमीनों को चिन्हित कर उसपर फलदार वृक्षो का रोपण शुरू कर दिया गया है। राज्य के भौगोलिक संरचना के अनुसार अधिकतर भूमि पठारी और पहाड़ी है। उबड़-खाबड़ धरातल जो भूमि बंजड़ और परती बेकार पड़ी रहती थी। ऐसे भूमि को सदुपयोग करने की यह योजना निश्चित रूप से लाभकारी होगी। फलदार वृक्षों से जो फल आएंगे उसका निर्यात कर आमदनी को बढ़ाने की यह योजना क्रन्तिकारी साबित होगी। इसके तहत आम की अच्छी नस्ल के पौधे आम्रपाली एवं मल्लिका प्रजाति के आम और एल-49 व इलाहाबादी सफेदी प्रजाति के अमरुद के पौधे लगाए जाने हैं। इसके चारों और इमारती लकड़ी के वृक्षारोपण की भी योजना है।

झारखण्ड बिरसा हरित ग्राम योजना एक नजर में :

योजना का नाम बिरसा हरित ग्राम योजना
घोषणा की तिथि 4 मई 2020
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना
लक्ष्य 5 करोड़ फलदार पौधे लगाने
आवंटित भूमि प्रत्येक जिले में 1400 एकड़ परती भूमि

 

जिले के उपायुक्त को इस योजना की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आने वाले समय में इन फलदार वृक्षो को ग्रामीणों को पट्टा पर दिया जायेगा।

झारखंड बिरसा हरित ग्राम योजना 2022 से होने वाला लाभ (Jharkhand Birsa Harit Gram Yojana 2022: Benefits)

  • बिरसा हरित ग्राम योजना झारखण्ड सरकार का किसानों की आमदनी बढ़ने की दूरदर्शी योजना है। फलदार वृक्ष लगाकर आनेवाले सालों में किसानों की आमदनी मे निश्चित रूप से वृद्धि होगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से तीन वर्षों बाद किसान को लगभग 50,000₹ सालाना आय होगा।
  • हजारों एकड़ परती भूमि जो यूँ ही बेकार पड़ा था उसका आर्थिक उपयोग होगा। इससे राज्य की आय में वृद्धि होगी तथा प्रति व्यक्ति आय में बढोत्तरी होगी।
  • भारत एक धार्मिक देश है यहाँ शाकाहारियों की संख्या अधिक है। फल की माँग अधिक है। पौष्टिक भोजन के रूप में फल एक उत्तम खाद्य पदार्थ है। राज्य में फल भारी मात्रा में उत्पादन से राज्य के लोगों को ताज़ा फल उचित मूल्य पर उपलब्ध होगा।
  • प्रदूषण की समस्या भी वृक्षारोपण द्वारा दूर होगी। हरित वृक्ष से वातावरण भी शुद्ध होगा।
  • वृक्षो की लकड़ियाँ और इमारती लकड़ी की आपूर्ति अबाध रूप से सम्भव होगा। इमारती लकड़ियों की पर्याप्त माँग से वनों की अंधाधुन कटाई होने से पारिस्थितिकी तंत्र पर जो बुरा प्रभाव पड़ रहा था उसपर अंकुश लगेगा।
  • स्थानीय स्तर पर काम की मांग में वृद्धि भी इस योजना से होगी। जिससे लोगो की आय बढ़ेगी और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।
  • इस योजना के तहत पौधों की देखभाल के लिए स्थानीय स्तर पर महिलाओं का एक समूह बागवानी सखी को पांच एकड़ जमीन के फलदार पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे उन महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

झारखंड बिरसा हरित ग्राम योजना 2022 का उद्देश्य (Jharkhand Birsa Harit Gram Yojana 2022: Objectives)

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर काम उपलब्ध करवाना है। साथ ही इस योजना का उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाने है।

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