गंगा वृक्षारोपण अभियान 2021 | Ganga Vriksharopan Abhiyan 2021

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Ganga Vriksharopan Abhiyan
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गंगा वृक्षारोपण अभियान 2021 | Ganga Vriksharopan Abhiyan 2021

 राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन की तरफ से 2018 में गंगा घाटी वाले वाले पांच प्रमुख राज्य उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल ने गंगा वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की गयी। गंगा वृक्षारोपण अभियान के तहत गंगा नदी के आसपास के क्षेत्रों में वृक्ष लगाए जाएंगे। गंगा वृक्षारोपण अभियान में कई संगठन मिलकर भाग लेंगे और इस अभियान को सफल बनाने में पूरा सहयोग देंगे।

अभियान के दौरान वृक्षारोपण कार्यक्रम को वैज्ञानिक तरीके से लागू करने के लिए देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान की तरफ से एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर यह अनुसंधान संस्थान गंगा नदी के आसपास के सारे इलाकों के ऊपर रिपोर्ट तैयार करेंगे, कहां पर कितनी वृक्षारोपण करने की आवश्यकता पड़ेगी। इसी आधार पर राज्य के विभागों द्वारा वृक्षारोपण गतिविधियां चलाई जाएंगी।

गंगा वृक्षारोपण अभियान केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया है। इस योजना में न केवल वृक्ष लगाए जाएंगे बल्कि गंगा नदी की सफाई में भी सहयोग दिया जाएगा। गंगा परीक्षण अभियान के तहत जागरूकता अभियान और सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसी गतिविधियों को भी पूरा किया जाएगा। गंगा वृक्षारोपण अभियान के तहत गंगा के प्रदूषण, संरक्षण और कायाकल्प में कमी को दूर करने के लिए हर प्रकार के प्रयास किए जाएंगे।

गंगा वृक्षारोपण अभियान 2021 का उद्देश्य | Ganga Vriksharopan Abhiyan 2021 : Objectives

गंगा नदी एक पवित्र नदी मानी जाती है परंतु कुछ समय से प्रदूषण की वजह से गंगा नदी को स्वच्छ बनाना गंगा नदी बहुत ही बुरी तरीके से प्रभावित हुई है एवं गंगा नदी के आसपास के 5 राज्यों में वृक्षों की भी कमी है। गंगा वृक्षारोपण अभियान के तहत गंगा नदी के प्रदूषण से प्रभावित स्थानों को प्रदूषण मुक्त करने के साथ-साथ गंगा नदी के संरक्षण एवं कायाकल्प के लिए वृक्ष लगाए जाएंगे। गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त करना तथा कायाकल्प करना यही गंगा वृक्षारोपण अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

गंगा वृक्षारोपण अभियान 2021 की विशेषताएं | Ganga Vriksharopan Abhiyan 2021 : Features

  • गंगा वृक्षारोपण अभियान के तहत बहुत सारे वृक्ष लगाए जाएंगे।
  • वृक्ष लगाने के साथ-साथ गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
  • गंगा नदी के आसपास के 5 राज्यों को का चयन किया गया है, जहां पर गंगा वृक्षारोपण अभियान के तहत गतिविधियां की जाएंगी।
  • स्वयंसेवक जो गंगा मित्र के रूप में जाने जाते हैं, उन्हें इनफील्ड और कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी ताकि वह गंगा नदी के पास चलने वाले इस अभियान को क्रियाशील रख पाए।
  • स्कूल के बच्चों और स्थानीय लोगों को जन जागरूकता के तहत वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
  • घाटों की नियमित सफाई के साथ सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
  • इसके अतिरिक्त गंगा घाट में ठोस अपशिष्ट पदार्थों के लिए डस्टबिन का प्रबंध किया जाएगा।
  • गंगा नदी को स्वच्छ बनाने के लिए हर प्रकार के प्रयास किए जाएंगे।
  • वृक्षारोपण अभियान नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया अभियान है।
  • अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और विभागों से युवाओं को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
  • अभियान के तहत 100 से ज्यादा स्थानों पर औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

गंगा वृक्षारोपण अभियान 2021 के लाभ | Ganga Vriksharopan Abhiyan 2021 : Benefits

  • गंगा वृक्षारोपण अभियान से गंगा नदी के आसपास में हरियाली का स्तर बढ़ जाएगा।
  • गंगा वृक्षारोपण अभियान से वन बढ़ जाएंगे, जो अधिक वर्षा के लिए काफी सहायक साबित होंगे; जिससे नदियों का जल स्तर भी बढ़ जाएगा।
  • बड़ी मात्रा में पेड़ों से गिरने वाली पत्तियां और शाल वर्षा जल को तेजी से वहने नहीं देंगे तथा धीरे-धीरे जमीन के अंदर ही पानी रिस जाएगा, जिससे जल चक्र की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
  • इसके अलावा नदियों के किनारे स्थित जंगल / वन नदियों को स्वच्छ और साफ होने की क्षमता प्रदान करेंगे।ऐसे में गंगा के किनारे वन / पौधे लगाए जाने से गंगा संरक्षण के कार्यक्रम को भी बल मिलेगा।
  • भूजल स्तर में सुधार होगा।
  • बाढ़ और सूखे में भी कमी होगी।
  • इसके अलावा जैव विविधता की रक्षा होगी अर्थात जैव विविधता में काफी इजाफा होगा।
  • भूमि के रिसाव पर काफी हद तक रोक लगेगी।
  • जल गुणवत्ता में सुधार होगा एवं वर्षा समय पर होने का लगेगी।

 गंगा वृक्षारोपण अभियान के लिए बनाई गई एजेंसी

इस अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए पांचों राज्यों के वन विभागों को नोडल एजेंसी के रूप में तैयार किया गया है।  गंगा वृक्षारोपण अभियान के संचालन के लिए जिले स्तर पर मंडली एवं अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। अधिकारियों के साथ-साथ राज्य स्तर पर मुख्य वन संरक्षकओं को भी नोडल अधिकारी के तौर पर गंगा वृक्षारोपण अभियान को चलाने का कार्य दिया गया है।

गंगा वृक्षारोपण अभियान में शामिल अन्य संस्थान

इस अभियान में पांचों राज्यों के कुछ संस्थान भी शामिल किए गए हैं, जो गंगा वृक्षारोपण अभियान के लिए कार्य करेंगे; उन संस्थानों के नाम निम्नलिखित प्रकार हैं:-

  • नेहरू युवा केंद्र संगठन
  • गंदा विचार मंच
  • गैर सरकारी संगठन
  • शिक्षण संस्थान
  • जिला गंगा समितियां

गंगा वृक्षारोपण अभियान में वन अनुसंधान संस्थान का योगदान

गंगा वृक्षारोपण अभियान में वन अनुसंधान संस्थान को विशेष कार्य दिया गया है। अभियान के दौरान वृक्षारोपण कार्यक्रम को वैज्ञानिक तरीके से लागू करने के लिए देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान को एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की करने का कार्य सौंपा गया है। वन अनुसंधान संस्थान यह रिपोर्ट तैयार करेगा कि राज्यों में कितने वन, किस प्रकार के वृक्ष लगाए जाएंगे, कितने वृक्ष लगाए जाएंगे। इस सारी रिपोर्ट को तैयार करने के पश्चात पौधारोपण गतिविधियां चलाई जाएंगी।

अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट में जलवायु, वहां की मिट्टी की स्थिति तथा वनस्पतियों को ध्यान में रखते हुए ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उसी रिपोर्ट के आधार पर वृक्ष लगाए जाएंगे / राज्य में वृक्ष लगाए जाएंगे। गंगा नदी के किनारे वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा।

राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन की ओर से इस अभियान को चलाने के लिए काफी यतन किए गए हैं ताकि गंगा नदी के आसपास के एरिया स्वच्छ बनाए जा सके और जल संरक्षण में भी सहायता की जा सके। बड़ी मात्रा में पेड़ लगा कर गंगा नदी के घाट को सुंदर बनाया जाएगा। वहां पर पर्यटन को प्रफुल्लित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त गंगा घाट के प्रबंधन के लिए हर प्रकार के यतन केंद्र सरकार द्वारा इस मुहिम के दौरान किए गए हैं और आगे भी केंद्र सरकार ऐसे प्रयत्न करने के लिए तत्पर है।

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